एम्प्टी नेस्ट एट 45: ज़िंदगी को फिर से जगाने के 21 हुनर book cover

डॉ. शवेता अग्रवाल की एक संस्मरण पुस्तक

एम्प्टी नेस्ट एट 45: ज़िंदगी को फिर से जगाने के 21 हुनर

हर उस माता-पिता के लिए एक गर्मजोशी भरा साथी, जो अचानक शांत हो चुके घर में खड़े होकर सोचते हैं, अब आगे क्या?

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ISBN: 979-8272182647

किताब के बारे में

एम्प्टी नेस्ट एट 45 उस ख़ामोशी की बात करती है जो बच्चों के बड़े होकर घर छोड़ देने पर एक घर में पसर जाती है। यह उस पहचान के बदलाव को ईमानदारी से देखती है जिसे कई माता-पिता अधेड़ उम्र में महसूस करते हैं, जब रोज़मर्रा का बहुत सारा मक़सद मानो बच्चों के साथ ही चला जाता है, और इस पल को अंत नहीं बल्कि एक नई शुरुआत के रूप में नरमी से पेश करती है।

इक्कीस व्यावहारिक और दिल से लिखे अध्यायों में, यह आत्मविश्वास दोबारा बनाने, बरसों से छूट गए शौक़ की ओर लौटने, रिश्तों को मज़बूत करने और माता-पिता की भूमिका से परे मक़सद ढूँढने के छोटे और करने लायक क़दम बताती है। इसका लहजा ईमानदार पर उम्मीद भरा रहता है, और अकेलेपन जैसे लगने वाले पल को नई शुरुआत का मौक़ा बना देता है।

किताब में क्या है

  • एम्प्टी नेस्ट के सालों के भावनात्मक बदलाव पर ईमानदार सोच
  • आत्मविश्वास और अपनी पहचान को दोबारा बनाना
  • बरसों से छूट गए शौक़ और रुचियों को फिर से अपनाना
  • पुराने रिश्तों को मज़बूत करना और नए रिश्ते बनाना
  • माता-पिता की भूमिका से परे मक़सद और ख़ुशी ढूँढना

प्रेरणा

यह किताब अधेड़ उम्र में अक्सर उठने वाले एक सीधे पर बेचैन कर देने वाले सवाल से जन्मी है: अब आगे क्या? इस पड़ाव को भीतर से समझने वाले नज़रिए से लिखी गई, यह उस मोड़ पर वही हौसला देने वाली दोस्त बनना चाहती है जिसकी कई लोगों को ज़रूरत महसूस होती है, और यह याद दिलाती है कि यह अध्याय पीछे हटना नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत हो सकता है।
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